पौष्टिक-तत्वो का संरक्षण करें

Posted on 08-Jun-2015 04:00 PM




  • भोजन पकाने से पहले पकाते, समय और पकाने के बाद यदि कुछ बातों का ध्यान दें तो न केवल पौष्टिक तत्वों का उचित संरक्षण किया जा सकता है बल्कि इनकी पौष्टिकता बढ़ाई भी जा सकती है।
  • फलों व सब्जियों को हमेशा काटने से पहले धोना चाहिए न कि काटकर धोना चाहिए क्योंकि काटकर धोने से जल में घुलनशील, अधिकांश पौष्टिक तत्व पानी के साथ बह जाते हंै।
  • सब्जियों को जब बनाना हो तभी और बड़े टुकड़ों में काटना चाहिए क्योंकि देर तक काटकर रखने और छोटे टुकड़ों में काटने से अधिक क्षेत्रफल की वजह से कई विटामिन व खनिज लवणों का आॅक्सीकरण हो जाता है या बह जाते हैं।
  • यथासंभव ताजे फल व सब्जियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि इनमें पौष्टिकता अधिक होती है।
  • बिना छीले इस्तेमाल किए जा सकने वाले फल व सब्जियां यथासंभव छिलके सहित ही खाएं या पतला-पतला ही छीलकर खाएं क्योंकि इनके बाहरी छिलके में अनेक प्रकार के विटामिन, खनिज तत्व व डाइटरी फाइबर अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं जो हमें रोगों से बचाते हैं।
  • खाद्य पदार्थों को तलते समय तेल या घी अधिक देर तक तथा अत्यधिक ताप पर नहीं रखना चाहिए।
  • भोजन व दालों को पै्रशर कुकर में ही पकाएं। इससे पौष्टिक तत्व अधिक मात्रा में सुरक्षित रहते हैं साथ ही समय व ईंधन भी बचता हैं।
  • खाद्य पदार्थांे की पौष्टिकता खमीरीकरण द्वारा बढ़ाई जा सकती है। खमीरीकरण से खाद्य पदार्थ हल्का व सुपाच्य हो जाता है। खमीरीकरण द्वारा बनाए गए खाद्य व्यंजन-डोसा, इडली, उतपम, ढोकला आदि बहुत ही स्वादिष्ट होते हैं।
  • अंकुरीकरण करने में भी खाद्य पदार्थों की पाचकता काफी हद तक बढ़ जाती है। साबुत अनाजों व दालों को अंकुरित करके उनकी पौष्टिकता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है।

Leave a Comment:

Login to write comments.